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Thursday, 3 December 2015

वास्तु अनुसार फैक्ट्री

वास्तु अनुसार फैक्ट्री 
1. प्लाट के पूर्व उत्तर में ज्यादा जगह छोडो। 
आप किसी भी दिशा का घर या कमर्शिअल भवन बना रहे है उस के पूर्व उत्तर इशान कोण में ज्यादा जगह छोडो और ढलान को उत्तर पूर्व की और रखे।  
2. दक्षिण पश्चिम हिस्सा भारी होना चाहिए। किसी भी दिशा के मकान में दक्षिण पश्चिम हिस्सा भारी रक्खें
3. बंद या बीमार यूनिट कभी ख़रीदे। 
मकान या फैक्ट्री खरीदते समय ध्यान दे की वह व्यक्ति किस कारण से घर बेच रहा है| अगर वो इसे बदल कर बड़े घर में जा रहा है या बड़ी फैक्ट्री लगा रहा है तो ही उस भवन को ख़रीदे , अगर वो ऋण ग्रस्त है या निसंतान है उजाड़ कर भवन बेच कर जा रहा है तो ऐसे व्यक्ति का भवन कितना ही सस्ता क्यूँ मिलता हो ख़रीदे।  
4. पुराना सामान इस्तेमाल करे। 
कभी भी नया भवन बनाते समय पुराने सामान का इस्तेमाल करे जैसे ईट दरवाजे खिड़की आदि
5. अपने मुख्य द्वार गेट के बाहर गन्दा पानी खडा होने दे
6. 
फैक्ट्री का गोदाम दक्षिन पश्चिम में हो और तैयार माल, रा मटेरिअल व् कबाड़ आदि भी यही रखें।   
7. लेबर क्वार्टर उत्तर पशिम में ठीक है भूल कर भी उन्हें दक्षिण पश्चिम में बिठाएं नहीं तो लेबर आप के ऊपर हावी रहेगी
8. फैक्ट्री या घर में कभी भी पूरा का पूरा अंडर ग्राउंड हाल बनाएं हमेशां 1/3 ही बनाये वो भी उत्तर पूर्व दिशा की और, भूतल का परवेश द्वार उत्तर पूर्व की और से हो
भूतल भवन ध्यान पूजा हवन आदि कर्यों के लिए सही होता है| भूतल को सफ़ेद रंग से रंगें। दक्षिण पश्चिम में बना हुआ भूतल फैक्ट्री के माल को डम्प करेगा, गलत ब्रांड बनेगे और गृह स्वामी भरी मुसीबतों में फंसेगा, ऐसी जगह पर 2 नंबर के काम ज्यादा होते है
9. मालिक का कमरा हमेशां दक्षिन पश्चिम में होना चाहिए और उसे पूरा ढक कर रखना चाहिए यानि केबिन नुमा बना लेना चाहिए एक बात ध्यान रहे की मालिक की चेयर / कुर्सी बीम के नीचे नहीं आनी चाहिए
10. दान या कर्जा देते समय मुँह हमेशां पूर्व या उत्तर की ओर हो


वास्तु के द्वारा क़र्ज़ मुक्ति के उपाय

वास्तु के द्वारा क़र्ज़ मुक्ति के उपाय
आज के इस महंगाई के जमाने में लोग कर्ज के दलदल में दिन पर दिन फंसते जा रहे हैं। यदि आप भी कर्ज से परेशान है, तो नीचे लिखे कुछ वास्तु उपायों को अपनाकर आप कर्ज से मुक्ति पा सकते हैं।
- घर के आसपास फलवाले पेड़-पौधे लगाए अगर पहले से लगे हो तो उन्हें हटा दे।
- अपने घर में हिंसक जीव-जंतु के चित्र लगाए।
- शाम को पनहेरी पर दीपक लगाएं।
- कर्ज हो तो पीने के पानी के घड़े को स्टेंड पर रखकर रोज उसके नीचे एक दीपक लगाएं।
- घर के छत पर फालतु सामान इकठ्ठा ना होने दें।
- नल की टोटी से यदि पानी टपकता है तो उसे तुरंत बंद करवाएं।
- घर के ईशान्य यानी उत्तर-पूर्व में कोई दोष ना हो इसलिए घर के इस कोने में तुलसी का पौधा लगाएं।

- घर की तिजोरी में अभिमंत्रित दक्षिणावर्ती शंख स्थापित करें।

Monday, 10 August 2015

वास्तु की कुछ महत्वपूर्ण बाते

वास्तु की कुछ महत्वपूर्ण बाते 

वास्तु की इन महत्वपूर्ण बातो को अपनाकर आप अपने व्यापार या व्यावसायिक स्थल में आने वाली मुसीबतो से आसानी से छुटकारा पा सकते है अतः इन्हे अपनाना न भूले।
  
1. प्लाट के पूर्व उत्तर में ज्यादा जगह छोडो
आप किसी भी दिशा का घर या कमर्शिअल भवन बना रहे है उस के पूर्व उत्तर इशान कोण में ज्यादा जगह छोडो | और ढलान को उत्तर पूर्व की और रखे|
2. दक्षिण पश्चिम हिस्सा भारी होना चाहिए|
किसी भी दिशा के मकान में दक्षिण पश्चिम हिस्सा भारी रक्खें |
3. बंद या बीमार यूनिट कभी ख़रीदे |
मकान या फैक्ट्री खरीदते समय ध्यान दे की वह व्यक्ति किस कारण से घर बेच रहा है| अगर वो इसे बदल कर बड़े घर में जा रहा है या बड़ी फैक्ट्री लगा रहा है तो ही उस भवन को ख़रीदे , अगर वो ऋण ग्रस्त है या निसंतान है उजाड़ कर भवन बेच कर जा रहा है तो ऐसे व्यक्ति का भवन कितना ही सस्ता क्यूँ मिलता हो ख़रीदे |
4. पुराना सामान इस्तेमाल करे |
कभी भी नया भवन बनाते समय पुराने सामान का इस्तेमाल करे जैसे ईट दरवाजे खिड़की आदि|
5. अपने मुख्य द्वार गेट के बाहर गन्दा पानी खडा होने दे|
6.
फैक्ट्री का गोदाम कहाँ हो तैयार माल कहाँ रखें ?
तैयार माल रा मटेरिअल दक्षिन पश्चिम में रखना चाहिये , और कबाड़ आदि भी यही रखें
7.
लेबर क्वार्टर ?
उत्तर पशिम में ठीक है भूल कर भी उन्हें दक्षिण पश्चिम में बिठाएं नहीं तो लेबर आप के ऊपर हावी रहेगी |
8.
अंडर ग्राउंड भूतल |
फैक्ट्री या घर में कभी भी पूरा का पूरा अंडर ग्राउंड हाल बनाएं हमेशां 1/3 ही बनाये वो भी उत्तर पूर्व दिशा की और |भूतल का परवेश द्वार उत्तर पूर्व की और से हो|
भूतल भवन ध्यान पूजा हवन आदि कर्यों के लिए सही होता है| भूतल को सफ़ेद रंग से रंगें |दक्षिण पश्चिम में बना हुआ भूतल फैक्ट्री के माल को डम्प करेगा, गलत ब्रांड बनेगे और गृह स्वामी भरी मुसीबतों में फंसेगा, ऐसी जगह पर 2 नंबर के काम ज्यादा होते है|
9. मालिक का कमरा
हमेशां दक्षिन पश्चिम में होना चाहिए और उसे पूरा ढक कर रखना चाहिए यानि केबिन नुमा बना लेना चाहिए एक बात ध्यान रहे की मालिक की चेयर / कुर्सी बीम के नीचे नहीं आनी चाहिए |
10. दान या कर्जा देते समय मुँह किधर हो?
दान देते समय हमेशां मुँह पूर्व या उत्तर की ओर हो! कर्ज या उधार पैसा देते समय भी मुँह पूर्व या उत्तर की ओर हो|